खबर - हिमांशु मिढ्ढा
हनुमानगढ़। सर्व धर्म रक्षक महाराजा सूरजमल के 310 वे जन्मदिवस पर सोमवार को जंक्शन की जाट धर्मशाला में महाराजा सूरजमल की जयंती मनाई गई। इस मौके पर जाट समाज के लोगों ने उन्हे पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हे दिखाये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि महाराजा सूरजमल का जन्म ब्रज की पावन भूमि पर मां देवक की की कोख से 13 फरवरी 1707 को जन्म हुआ था हिंद देश का इतिहास वीरता और बलिदान के लिखने वाला था इस बच्चे का बचपन का नाम सुजानसिंह रखा गया। जो अपने तेज रोबीले व्यक्तित्व के कारण सूरजमल नाम से प्रसिद्ध हुआ महाराजा सूरजमल की रियासत का नक्शा राजस्थान सरकार सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित बुक सुजस के पेज 1107 के अनुसार जाट समाज के बंधुओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला तथा समाज को उनके चल कदमों पर चलने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर इंद्रपाल रिणवा, पवन झूरिया सहायक अभियंता, अरविंद गढ़वाल, कुलदीप पूनिया, कनिष्ठ अभियंता रवि चोटिया, सुरेंद्र रेवाड़, अनिल थोरी, राम प्रताप गोदारा, विक्रम ऐचरा, कपिल सारण, भागीरथ डूडी, वेद भामभू मक्कासर, विजेंदर कालेरा, सुरेंद्र बीसू, विनोद भांभू, दिलीप सियाग, अरुण चाहर, प्रवीण गोदारा, राजपाल गोदारा, अजय रेवाड़ बशीर, विनोद झूरिया आदि समाज के युवा बंधु मौजूद थे। राजस्थान जाट सेना श्री गंगानगर हनुमानगढ़ के जिला प्रभारी राजू बुरडक उर्फ राजेंद्र सीकर ने समाज को नशे से दूर रहने व महाराज सूरजमल के चल कदमों पर चलने के लिए सबको शपथ दिलाई। लेकिन यह बात भी प्रभारी ने बताई की जो भी राजनीतिक पार्टियां हैं उनके पदाधिकारी महाराजा सूरजमल वीर तेजाजी महाराज लोक देवता का जाट समाज के कुल देवता हैं उनके जन्म दिवस पर शहीद दिवस पर कोई भी कार्यक्रम में आयोजित नहीं करते इस कारण समाज ने उनको अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि समाज के साथ रहकर समाज के लोक देवताओं की पुण्यतिथि जन्मदिवस आदि मनाना चाहिए। तभी समाज आपका साथ दे पाएगा यदि यही किसी पार्टी के पुण्यतिथि आज जन्मदिवस होता किसी भी पदाधिकारी का तो पार्टी के कार्यकर्ता रात को ही फेसबुक व वाट्सअप पर मैसेज करके सभी को बुला लेते और एक भारी भरकम प्रोग्राम होता लेकिन जाट समाज को एकजुट रहकर आगे से प्रोग्राम में शिरकत करने के लिए सबको कटिबंध आग्रह किया है।
