गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली के लिए 58 करोड़ रूप्ये होगें व्यय
विधुत तंत्र को मजबूत करने की दिशा में होगे महत्वपूर्ण कार्य
कोटा जिले में 8 जीएसएस का होगा निर्माण कार्य,500 से अधिक ट्रांसफार्मर नऐ लगेगें
दीनदायाल उपाध्याय गा्रम ज्योति योजना के तहत गा्रमीण क्षेत्रो में 32 करोड़ के कार्य
शहरी क्षेत्रो में होगे 27 करोड़ रूप्ये से कार्य
कोटा -24 धंटे निर्बाध एवं गुणवत्तायुक्त बिजली उपलब्ध करवानें के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के द्वारा दीनदयाल उपाध्याय गा्रम ज्योति योजना एवं आई.पी.डी.सी. (इन्टीग्रेटेड पावर डव्लमेंट सिस्टम ) के माध्यम से 58 करोड़ रूप्ये की राशि खर्च कर शहर एवं गाॅवों में विधुत तंत्र सुधार कर मजबूत किया जाऐगा। योजना के तहत होने वाले कार्यो के लिऐ शनिवार को कोटा बूॅदी सांसद ओम बिरला, सांगोद विधायक हीरालाल नागर,रामगंजमण्डी विधायक चन्द्रकांता मेधवाल ने जयपुर विधुत वितरण के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्याे कि समीक्षा की।
बैठक में दीनदयाल उपाध्याय गा्रम ज्योति योजना एवं आई.पी.डी.सी. (इन्टीग्रेटेड पावर डव्लमेंट सिस्टम ) केे अधिशाषी अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय गा्रम ज्योति योजना के माध्यम से 32 करोड की खर्च कर विधुत सुधार संबधी कई कार्य किए जाऐगें। विधुत सुधार में सबसे पहले विधुत छिजत को रोकने हेतु कार्ययोजना बनाई गई है जिसके अन्र्तगत कोटा जिले के गा्रम अमरपुरा, मंडावरा,सनखेडा (बपावर),कराडिया, मानसगाॅव एवं बावडीखेड़ा में एक-एक जीएसएस बनाया जाऐगा ताकि गा्रमीण क्षेत्रो मे कम वोल्टेज की समस्या का समाधान करने के साथ ही गा्रमीण क्षेत्र में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। वही ढाई हजार से अधिक आबादी वाले गाॅवों को अतिरिक्त फीडर से जोड़ा जाऐगा ताकि गाॅवों में 24 धण्टे बिजली मिल सके साथ की कृषि कनेक्शनो के लिऐ अतिरिक्त फीडरो से जोड़ा जाऐगा जिससे लोड शेडरिंग के समय घरेलू बिजली की आपूर्ति हो सकें। योजना के अधिशाषी अभियंता अग्रवाल ने बताया कि गा्रमीण क्षेत्रो मं सुधार के साथ-साथ आई0पी0डी0एस. योजना के माध्यम से 27 करोड़ रूप्ये की राशि से शहरो एवं नगर पालिका क्षेत्र में भी विधुत तंत्र को मजबूत किया जाएगा। योजना के अन्र्तगत सांगोद व रामगंजमण्डी क्षेत्र मंे एक-एक 33 केवी जीएसएस का बनाए जाऐगें। योजना के तहत कोटा , कैथून, रामगंजमण्डी एवं सांगोद में आवश्यकतानुसार नई 33 व 11 केवी की लाईने खींची जाऐगी वर्तमान में संभावित दुर्धटना वाली लाईनो को भूमिगत करने का कार्य किया जाएगा। वहीं ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढाने के साथ ही आवश्यकतानुसार 500 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाऐगें। अग्रवाल ने बताया कि सभी कार्यो को पूरा करने के लिऐ मार्च 2018 तक का समय तय किया गया है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुनिता डागा, जयपुर विधुत वितरण निगम के अधीक्षण अभिंयता दुबे सहित विधुत विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
गुणवत्ता के साथ समयबद्व पूरे हो कार्य- बिरला
बैठक में सांसद बिरला ने कहा कि लोगो को बिजली,पानी सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विकास करना सरकार की प्राथमिकताओं मे शामिल है। शहर व ग्रामीण क्षेत्रो में गुणवत्ता पूर्ण बिजली देने के लिऐ सरकार के द्वारा सर्वे कर सुधार हेतु योजना तैयार की है। बिरला ने अधिकारियों को कहा कि योजना में कार्यशुरू करने से पहले स्थानीय विधायक, प्रधान,पंचायत समिति सदस्य,सरपंचो से पहले उनकी समस्याओं एवं क्षेत्र की आवश्यकताओं को जानने के बाद ही कार्य शुरू करे ताकि सरकार के द्वारा करवाऐ जा रहे कार्यो का सीधा लाभ आमजन को मिल सके। बिरला ने अधिकारियों को कहा कि योजना मे कार्य शुरू करने के साथ ही करवाये जाने वाले कार्य गुणवत्ता से पूर्ण हो इसके लिऐ समय-समय पर अधिकारी औचक निरीक्षण करें। बिरला ने कहा कि कार्य समयबद्व रूप् से पूर्ण हो जिससे किसानो को फसल के सीजन में इसका लाभ मिल सके। बिरला ने कहा कि शहरी क्षेत्र में भूमिगत केबलें डालने के समय सभी विभाग आपसी तालमेल बनाऐ तथा कार्य के दौरान लोगो को कम से कम परेशानी हो ऐसी कार्ययोजना बनाऐं।
सांगोद विधायक हीरलाल नागर ने कहा कि फीडर सुधार कार्यक्रम के तहत होने वाले कार्यो से गा्रमीण क्षेत्रो में सुविधाऐ बढेगी। सांगोद विधानसभा क्षेत्र के गा्रम खडिया, रेलगाॅव व सांगोद क्षेत्र मे बनने वाले जीएसएस का लाभ गा्रमवासियों को मिलेगा। विधायक नागर ने बैठक में कार्यो की गुणवत्ता पर सवाल खडे करते हुऐ कहा कि योजना में धनराशि खर्च होती है लेकिन गुणवत्तापूर्ण कार्य नही होता है। विधायक नागर ने कहा कि गा्रमीण क्षेत्रो में नीचे झुकी विधुत लाईनो को कसने, टेडे विधुत पोलो को सीधा करने व बदलने के लिऐ कहा। रामगंजमण्डी विधायक चन्द्रकांता मेघवाल ने कहा कि गा्रमीण क्षेत्रो में बिजली कनेक्शनो विशेषरूप् से कृषि भूमि पर बसी काॅलोनियों पर विधुत कनेक्शन नही देने पर नाराजगी जताई। विधायक मेधवाल ने कहा कि अधिकारी नियमो कि अवेहलना कर एक ही काॅलोनी में अलग अलग डिमाण्ड लोगो से जमा करवा रहे है जिससे लोगो को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। विधायक मेघवाल ने विधुत विभाग के अधीक्षण अभियंता को व्यवस्थाओं को सुधारने के लिऐ कहा।
बिजली जाने पर बिरला ने जताई नाराजगी- बैठक शुरू होने से कुछ देर पूर्व ही बिजली बंद हो गई इस पर सांसद बिरला ने बैठक में मौजूद कोटा वृत्त के अधीक्षण अभियंता को शहर के विभिन्न हिस्सो में बार-बार विधुत ट्रीपिंग के कारण बिजली बंद होने जैसी समस्या पर नाराजगी जताई। बिरला ने कहा कि नोडल अधिकारी हो लेकिन व्यवस्था को सुधार करने की दिशा में क्या प्रयास किए है आपने, निजी बिजली कम्पनी की लापरवाही के कारण बिजली बंद होने से लेकर बिलो तक लोगो को परेशान होना पड़ रहा है। बिरला ने कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारो अन्यथा निजी कम्पनी को परिणाम भुगतने होगें।
विधुत तंत्र को मजबूत करने की दिशा में होगे महत्वपूर्ण कार्य
कोटा जिले में 8 जीएसएस का होगा निर्माण कार्य,500 से अधिक ट्रांसफार्मर नऐ लगेगें
दीनदायाल उपाध्याय गा्रम ज्योति योजना के तहत गा्रमीण क्षेत्रो में 32 करोड़ के कार्य
शहरी क्षेत्रो में होगे 27 करोड़ रूप्ये से कार्य
कोटा -24 धंटे निर्बाध एवं गुणवत्तायुक्त बिजली उपलब्ध करवानें के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के द्वारा दीनदयाल उपाध्याय गा्रम ज्योति योजना एवं आई.पी.डी.सी. (इन्टीग्रेटेड पावर डव्लमेंट सिस्टम ) के माध्यम से 58 करोड़ रूप्ये की राशि खर्च कर शहर एवं गाॅवों में विधुत तंत्र सुधार कर मजबूत किया जाऐगा। योजना के तहत होने वाले कार्यो के लिऐ शनिवार को कोटा बूॅदी सांसद ओम बिरला, सांगोद विधायक हीरालाल नागर,रामगंजमण्डी विधायक चन्द्रकांता मेधवाल ने जयपुर विधुत वितरण के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्याे कि समीक्षा की।
बैठक में दीनदयाल उपाध्याय गा्रम ज्योति योजना एवं आई.पी.डी.सी. (इन्टीग्रेटेड पावर डव्लमेंट सिस्टम ) केे अधिशाषी अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय गा्रम ज्योति योजना के माध्यम से 32 करोड की खर्च कर विधुत सुधार संबधी कई कार्य किए जाऐगें। विधुत सुधार में सबसे पहले विधुत छिजत को रोकने हेतु कार्ययोजना बनाई गई है जिसके अन्र्तगत कोटा जिले के गा्रम अमरपुरा, मंडावरा,सनखेडा (बपावर),कराडिया, मानसगाॅव एवं बावडीखेड़ा में एक-एक जीएसएस बनाया जाऐगा ताकि गा्रमीण क्षेत्रो मे कम वोल्टेज की समस्या का समाधान करने के साथ ही गा्रमीण क्षेत्र में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। वही ढाई हजार से अधिक आबादी वाले गाॅवों को अतिरिक्त फीडर से जोड़ा जाऐगा ताकि गाॅवों में 24 धण्टे बिजली मिल सके साथ की कृषि कनेक्शनो के लिऐ अतिरिक्त फीडरो से जोड़ा जाऐगा जिससे लोड शेडरिंग के समय घरेलू बिजली की आपूर्ति हो सकें। योजना के अधिशाषी अभियंता अग्रवाल ने बताया कि गा्रमीण क्षेत्रो मं सुधार के साथ-साथ आई0पी0डी0एस. योजना के माध्यम से 27 करोड़ रूप्ये की राशि से शहरो एवं नगर पालिका क्षेत्र में भी विधुत तंत्र को मजबूत किया जाएगा। योजना के अन्र्तगत सांगोद व रामगंजमण्डी क्षेत्र मंे एक-एक 33 केवी जीएसएस का बनाए जाऐगें। योजना के तहत कोटा , कैथून, रामगंजमण्डी एवं सांगोद में आवश्यकतानुसार नई 33 व 11 केवी की लाईने खींची जाऐगी वर्तमान में संभावित दुर्धटना वाली लाईनो को भूमिगत करने का कार्य किया जाएगा। वहीं ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढाने के साथ ही आवश्यकतानुसार 500 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाऐगें। अग्रवाल ने बताया कि सभी कार्यो को पूरा करने के लिऐ मार्च 2018 तक का समय तय किया गया है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुनिता डागा, जयपुर विधुत वितरण निगम के अधीक्षण अभिंयता दुबे सहित विधुत विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
गुणवत्ता के साथ समयबद्व पूरे हो कार्य- बिरला
बैठक में सांसद बिरला ने कहा कि लोगो को बिजली,पानी सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विकास करना सरकार की प्राथमिकताओं मे शामिल है। शहर व ग्रामीण क्षेत्रो में गुणवत्ता पूर्ण बिजली देने के लिऐ सरकार के द्वारा सर्वे कर सुधार हेतु योजना तैयार की है। बिरला ने अधिकारियों को कहा कि योजना में कार्यशुरू करने से पहले स्थानीय विधायक, प्रधान,पंचायत समिति सदस्य,सरपंचो से पहले उनकी समस्याओं एवं क्षेत्र की आवश्यकताओं को जानने के बाद ही कार्य शुरू करे ताकि सरकार के द्वारा करवाऐ जा रहे कार्यो का सीधा लाभ आमजन को मिल सके। बिरला ने अधिकारियों को कहा कि योजना मे कार्य शुरू करने के साथ ही करवाये जाने वाले कार्य गुणवत्ता से पूर्ण हो इसके लिऐ समय-समय पर अधिकारी औचक निरीक्षण करें। बिरला ने कहा कि कार्य समयबद्व रूप् से पूर्ण हो जिससे किसानो को फसल के सीजन में इसका लाभ मिल सके। बिरला ने कहा कि शहरी क्षेत्र में भूमिगत केबलें डालने के समय सभी विभाग आपसी तालमेल बनाऐ तथा कार्य के दौरान लोगो को कम से कम परेशानी हो ऐसी कार्ययोजना बनाऐं।
सांगोद विधायक हीरलाल नागर ने कहा कि फीडर सुधार कार्यक्रम के तहत होने वाले कार्यो से गा्रमीण क्षेत्रो में सुविधाऐ बढेगी। सांगोद विधानसभा क्षेत्र के गा्रम खडिया, रेलगाॅव व सांगोद क्षेत्र मे बनने वाले जीएसएस का लाभ गा्रमवासियों को मिलेगा। विधायक नागर ने बैठक में कार्यो की गुणवत्ता पर सवाल खडे करते हुऐ कहा कि योजना में धनराशि खर्च होती है लेकिन गुणवत्तापूर्ण कार्य नही होता है। विधायक नागर ने कहा कि गा्रमीण क्षेत्रो में नीचे झुकी विधुत लाईनो को कसने, टेडे विधुत पोलो को सीधा करने व बदलने के लिऐ कहा। रामगंजमण्डी विधायक चन्द्रकांता मेघवाल ने कहा कि गा्रमीण क्षेत्रो में बिजली कनेक्शनो विशेषरूप् से कृषि भूमि पर बसी काॅलोनियों पर विधुत कनेक्शन नही देने पर नाराजगी जताई। विधायक मेधवाल ने कहा कि अधिकारी नियमो कि अवेहलना कर एक ही काॅलोनी में अलग अलग डिमाण्ड लोगो से जमा करवा रहे है जिससे लोगो को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। विधायक मेघवाल ने विधुत विभाग के अधीक्षण अभियंता को व्यवस्थाओं को सुधारने के लिऐ कहा।
बिजली जाने पर बिरला ने जताई नाराजगी- बैठक शुरू होने से कुछ देर पूर्व ही बिजली बंद हो गई इस पर सांसद बिरला ने बैठक में मौजूद कोटा वृत्त के अधीक्षण अभियंता को शहर के विभिन्न हिस्सो में बार-बार विधुत ट्रीपिंग के कारण बिजली बंद होने जैसी समस्या पर नाराजगी जताई। बिरला ने कहा कि नोडल अधिकारी हो लेकिन व्यवस्था को सुधार करने की दिशा में क्या प्रयास किए है आपने, निजी बिजली कम्पनी की लापरवाही के कारण बिजली बंद होने से लेकर बिलो तक लोगो को परेशान होना पड़ रहा है। बिरला ने कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारो अन्यथा निजी कम्पनी को परिणाम भुगतने होगें।