प्रतापगढ़। गांवों के विकास के लिए बनी महत्वपूर्ण योजनाओं को नजरअंदाज करना अब
सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए महंगा साबित हो सकता है, वहीं इन
योजनाओं को लेकर बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहन मिल सकेगा। यह सब होगा
हर माह खास-खास स्कीम्स में परफोरमेंस के आधार पर होने वाली कार्मिकों की
ग्रेडिंग से। जिला कलक्टर नेहा गिरि की पहल पर अब हर महीने ग्रामीण विकास
एवं पंचायती राज से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों की ग्रेडिंग जारी की
जाएगी।
शनिवार को मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित ग्रामीण विकास
एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान इस संबंध में
निर्देश जारी करते हुए कलक्टर नेहा गिरि ने बताया कि शुरू में स्वच्छ भारत
मिशन, पट्टा वितरण, महानरेगा, प्रधानमंत्रा आवास योजना, पंडित दीनदयाल
उपाध्याय विशेष योग्यजन सर्वे एवं शिविर के आधार पर जिले के विकास
अधिकारियों, ब्लॉक स्वच्छता कॉर्डिनेटर्स व सहायक अभियंताओं की रैंकिंग
जारी की जाएगी। इसी प्रकार ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायत सचिवों, पंचायत
सहायकों की ग्रेडिंग की जाएगी। लगातार कमजोर ग्रेडिंग कार्मिकों के लिए
परेशानी का सबब बन सकती है। सबसे बेहतर एवं सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले
अधिकारियों, कर्मचारियों के नाम जारी किए जाएंगे।
तीन दिन में करें शौचालयों के बकाया भुगतान
बैठक
के दौरान विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि
अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन को गति देने के साथ-साथ अपने कार्यालयों को भी
साफ-सुथरा बनाएं। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत लाभार्थियों द्वारा निर्मित
समस्त शौचालयों को जियो टैग कर एमआईएस एंट्री सुनिश्चित करें और तीन दिन
में समस्त बकाया भुगतान सुनिश्चित करें। दस जुलाई तक प्रत्येक ब्लॉक में कम
से कम पांच ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करें। उन्होंने कहा कि जिन जिला एवं
ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को स्वच्छ भारत मिशन में प्रभारी बनाया गया है, वे
अपने क्षेत्रा में जाकर मॉनीटरिंग करें अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी। उन्होंने कहा कि उपखंड अधिकारी प्रत्येक सप्ताह बैठक कर स्वच्छ भारत
मिशन की समीक्षा करेंगे और काम नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।
पंचायत सहायक एवं साक्षरता प्रेरक मिलकर शौचालयों को जियो टैग व एमआईएस
फीडिंग किया जाना सुनिश्चित करें। ओडीएफ ग्राम पंचायतों को महानरेगा में
कार्य स्वीकृति में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत
मिशन की बैठकों में पुलिस विभाग को भी इन्वॉल्व करें। विभिन्न स्तरों पर
होने वाली बैठकों में डीवाईएसपी, एसएचओ, बीट कांस्टेबल भाग लेकर सहयोग
सुनिश्चित करें।
बिना अनुमति नहीं छोड़ें मुख्यालय
कलक्टर
ने कहा कि मानसून के समय अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए अधिकारी,
कर्मचारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ें। यदि ऐसा पाया जाता है तो 17
सीसीए के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पट्टा शिविरों में सभी
वार्ड पंचों एवं जनप्रतिनिधियों को पट्टे प्रदान करें और प्रत्येक ग्राम
पंचायत में 500 पट्टे जारी कराएं। इस संबंध में मिलने वाले आवेदन सात दिवस
के भीतर निस्तारित होने चाहिए। शिविर के दिन अधिक से अधिक लोगों को पट्टे
जारी करें। शिविरों में न्यून प्रगति वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी। जिन ग्राम पंचायतों में शिविर प्रभावित हुए हैं, वहां दुबारा फोलोअप
शिविर लगाए जाकर लोगों को लाभान्वित किया जाए।
बैठक में जिला
परिषद के सीईओ डॉ वीसी गर्ग ने एसबीएम, एमजेएसए, पीएमएवाई, पट्टा वितरण
अभियान सहित विभिन्न योजनाओं की ब्लॉकवार समीक्षा करते हुए विकास
अधिकारियों को इनमें प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस दौरान समस्त विकास
अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।
