\-लाल बुर्ज की महाआरती में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
-उप महापौर ने बुर्ज के पास कचरा नहीं डालने की दिलाई शपथ
कोटा। ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण फाउंडेशन की ओर से रविवार शाम कैथूनीपोल स्थित 18 वीं शताब्दी के ऐतिहासिक लाल बुर्ज की 501 दीपकों से महाआरती कर हैरिटेज संरक्षण के साथ-साथ शहर को स्वच्छ, स्वस्थ व सुंदर बनाने का संदेश दिया। भारत माता की जय...धरोहर की अनदेखी नहीं सहेंगे...सरीखे उद्घोष गूंजते रहे। दीप महोत्सव इस बेला में श्रद्धा का सैलाब देखते बना। बड़ी संख्या में शहरवासी इस अनूठे आयोजन के साक्षी बने। समारोह के मुख्य वक्ता इतिहासविद् फिरोज अहमद ने कोटा के इतिहास की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लाल बुर्ज 18 वीं शताब्दी में बना परकोटे का एकमात्र बुर्ज है। इस बुर्ज से तत्कालीन कोटा रियासत के दीवान झाला जालिम सिंह ने मराठा सरदार होल्कर को कोटा रियासत की फौजी ताकत दिखाने के लिए सैनिकों के वेश बदल बदल कर इस बुर्ज से दिखाया था। तब मराठे कोटा में लगान वसूली के लिए आया करते थे और दक्षिण भारत के पंडित जो वर्तमान में सारोला वाले पंडितजी के नाम से जाने जाते है इनके पूर्वज यहां मराठों के वकील होते थे। फिरोज अहमद ने बताया कि धरोहर की इस तरह दुर्दशा होना गंभीर बात है। ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण फाउण्डेशन का इस दिशा में सराहनीय कार्य है यह आगे भी इस तरह के आयोजन करते रहे, ताकि नई पीढी को धरोहर की जानकारी मिल सके।
पाटनपोल स्थित बडे महाप्रभुजी मंदिर के विनय बाबा ने कहा कि धरोहर संरक्षण आज समय की मांग है। इसके लिए वे भी हर संभव मदद करेंगे। रानपुर स्थित गुरूगोरखनाथ आश्रम के महंत प्रेमदास महाराज ने कहा कि विरासत को नहीं संभाला तो जल्द ही यह अपना अस्तित्व खो देगी। इसके लिए पूरा संत समाज हर समय तैयार है। धरोहर की अनदेखी किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे। ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण फाउंडेशन अध्यक्ष कुंवर कमल सिंह यदुवंशी ने कहा कि हैरिटेज संरक्षण की दिशा में जो काम शुरू किया है वो जारी रहेगा। इस मुहिम में सभी समाजों को भी जोड़ा जाएगा। फाउण्डेशन आगे भी कोटा में पर्यटन को बढ़ावा मिले इसके लिए हैरिटेज संरक्षण की दिशा में कार्य करेगा। हैरिटेज इमारत बुर्ज, फोर्ट, बावड़िया, धर्मिक स्थलों का अस्तित्व बना रहे। यहां कचरा, गंदगी आदि ना हो और हमारा कोटा शहर स्वच्छ, स्वस्थ व संुदर बने इसके लिए हर संभव कार्य करेंगे।
फाउंडेशन महासचिव हरीश राठौर ने आभार जताया। इस मौके पर सांस्कृतिक सचिव व पार्षद मीनाक्षी खंडेलवाल, तेजकरण अंची, विक्की आर्य, सुरेंद्र शुक्ला, सुनील अडवाणी, मोनू सरदार, नवीन जोशी, विपुल अग्रवाल, भरत शाक्यवाल, ्रपीतम सोनी, शरद गुप्ता, सत्तू प्रजापत, गजेंद्र सुमन, हेमंत मेहरा, दिलीप सोनी, लोकेंद्र सिंह, योगेश सोनी, सिद्धराज सिंह सोनू बना, त्रिलोक नामा, अजय शर्मा, मुन्ना सरकार, चुन्नू उस्ताद, अनिल औदिच्य, श्याम बैरागी, भूपेंद्र गोस्वामी, घनश्याम सोरल सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद थे। हरिश राठौर ने आभार जताया।
बुर्ज को न तो गंदा करेंगे न करने देगेः उप महापौर
इस दौरान मुख्य अतिथि उप महापौर सुनिता व्यास ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर की सारसंभाल हमारा नैतिक दायित्व है। लाल बुर्ज को अब किसी भी हाल में कचरा पॉइंट नहीं बनने देंगे। इस मौके पर उपमहापौर ने जलता दीपक हाथ में लिए लोगों को शपथ दिलाई की वे न तो इस बुर्ज को कचरा डालकर गंदा करेंगे और न किसी अन्य को यहां कचरा डालने देंगे। धरोहर हमारी विरासत है और इसको हम बचाएंगे। इस मौके पर उप महापौर सुनिता व्यास ने कहा कि लाल बुर्ज के सौंदर्यकरण के लिए हर संभव प्रयास होंगे। राजस्व समिति अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली ने कहा कि लाल बुर्ज हमारी विरासत है और इसके संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास होंगे। अगले रविवार को बुर्ज पर श्रमदान कर सफाई की जाएगी।
-उप महापौर ने बुर्ज के पास कचरा नहीं डालने की दिलाई शपथ
कोटा। ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण फाउंडेशन की ओर से रविवार शाम कैथूनीपोल स्थित 18 वीं शताब्दी के ऐतिहासिक लाल बुर्ज की 501 दीपकों से महाआरती कर हैरिटेज संरक्षण के साथ-साथ शहर को स्वच्छ, स्वस्थ व सुंदर बनाने का संदेश दिया। भारत माता की जय...धरोहर की अनदेखी नहीं सहेंगे...सरीखे उद्घोष गूंजते रहे। दीप महोत्सव इस बेला में श्रद्धा का सैलाब देखते बना। बड़ी संख्या में शहरवासी इस अनूठे आयोजन के साक्षी बने। समारोह के मुख्य वक्ता इतिहासविद् फिरोज अहमद ने कोटा के इतिहास की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लाल बुर्ज 18 वीं शताब्दी में बना परकोटे का एकमात्र बुर्ज है। इस बुर्ज से तत्कालीन कोटा रियासत के दीवान झाला जालिम सिंह ने मराठा सरदार होल्कर को कोटा रियासत की फौजी ताकत दिखाने के लिए सैनिकों के वेश बदल बदल कर इस बुर्ज से दिखाया था। तब मराठे कोटा में लगान वसूली के लिए आया करते थे और दक्षिण भारत के पंडित जो वर्तमान में सारोला वाले पंडितजी के नाम से जाने जाते है इनके पूर्वज यहां मराठों के वकील होते थे। फिरोज अहमद ने बताया कि धरोहर की इस तरह दुर्दशा होना गंभीर बात है। ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण फाउण्डेशन का इस दिशा में सराहनीय कार्य है यह आगे भी इस तरह के आयोजन करते रहे, ताकि नई पीढी को धरोहर की जानकारी मिल सके।
पाटनपोल स्थित बडे महाप्रभुजी मंदिर के विनय बाबा ने कहा कि धरोहर संरक्षण आज समय की मांग है। इसके लिए वे भी हर संभव मदद करेंगे। रानपुर स्थित गुरूगोरखनाथ आश्रम के महंत प्रेमदास महाराज ने कहा कि विरासत को नहीं संभाला तो जल्द ही यह अपना अस्तित्व खो देगी। इसके लिए पूरा संत समाज हर समय तैयार है। धरोहर की अनदेखी किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे। ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण फाउंडेशन अध्यक्ष कुंवर कमल सिंह यदुवंशी ने कहा कि हैरिटेज संरक्षण की दिशा में जो काम शुरू किया है वो जारी रहेगा। इस मुहिम में सभी समाजों को भी जोड़ा जाएगा। फाउण्डेशन आगे भी कोटा में पर्यटन को बढ़ावा मिले इसके लिए हैरिटेज संरक्षण की दिशा में कार्य करेगा। हैरिटेज इमारत बुर्ज, फोर्ट, बावड़िया, धर्मिक स्थलों का अस्तित्व बना रहे। यहां कचरा, गंदगी आदि ना हो और हमारा कोटा शहर स्वच्छ, स्वस्थ व संुदर बने इसके लिए हर संभव कार्य करेंगे।
फाउंडेशन महासचिव हरीश राठौर ने आभार जताया। इस मौके पर सांस्कृतिक सचिव व पार्षद मीनाक्षी खंडेलवाल, तेजकरण अंची, विक्की आर्य, सुरेंद्र शुक्ला, सुनील अडवाणी, मोनू सरदार, नवीन जोशी, विपुल अग्रवाल, भरत शाक्यवाल, ्रपीतम सोनी, शरद गुप्ता, सत्तू प्रजापत, गजेंद्र सुमन, हेमंत मेहरा, दिलीप सोनी, लोकेंद्र सिंह, योगेश सोनी, सिद्धराज सिंह सोनू बना, त्रिलोक नामा, अजय शर्मा, मुन्ना सरकार, चुन्नू उस्ताद, अनिल औदिच्य, श्याम बैरागी, भूपेंद्र गोस्वामी, घनश्याम सोरल सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद थे। हरिश राठौर ने आभार जताया।
बुर्ज को न तो गंदा करेंगे न करने देगेः उप महापौर
इस दौरान मुख्य अतिथि उप महापौर सुनिता व्यास ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर की सारसंभाल हमारा नैतिक दायित्व है। लाल बुर्ज को अब किसी भी हाल में कचरा पॉइंट नहीं बनने देंगे। इस मौके पर उपमहापौर ने जलता दीपक हाथ में लिए लोगों को शपथ दिलाई की वे न तो इस बुर्ज को कचरा डालकर गंदा करेंगे और न किसी अन्य को यहां कचरा डालने देंगे। धरोहर हमारी विरासत है और इसको हम बचाएंगे। इस मौके पर उप महापौर सुनिता व्यास ने कहा कि लाल बुर्ज के सौंदर्यकरण के लिए हर संभव प्रयास होंगे। राजस्व समिति अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली ने कहा कि लाल बुर्ज हमारी विरासत है और इसके संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास होंगे। अगले रविवार को बुर्ज पर श्रमदान कर सफाई की जाएगी।