आयोजना समिति की बैठक में अवैध अस्पतालों का मुद्दा उठा

खबर - अरुण मूंड 
लगातार दो चिकित्सकों के घरों में बनें जुगाड़ के अस्पतालों में मौत का मामला
झुंझुनूं।शुक्रवार को जिला आयोजना समिति की बैठक जिला परिषद सभागार में जिला प्रमुख की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला कलेक्टर दिनेशकुमार यादव, एसीईओ प्रतिष्ठा पिलानियां, डीएफओ आरएन मीणा सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर विभिन्न विभागों के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा कर प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में समिति के सदस्य दिनेश सुंडा ने शहर के साथ-साथ जिले में जुगाड़ से चल रहे अस्पतालों का मुद्दा उठाया। सुंडा ने कहा कि शहर में ही  घर पर बने अस्पताल में मरीजों की मौत के बाद भी अभी तक प्रशासन ने कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई। इस मौके पर जिला कलेक्टर दिनेश यादव ने मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए आदेश दिए कि जल्द ही जिले में संचालित अस्पतालों की सूची बनाई जाएगी। वहीं बिना कोई परमिशन और संसाधनों के चल रहे निजी अस्पतालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डॉ. दंपत्ति पर लगे आरोपों के मामले में भी जांच रिपोर्ट तीन दिन में तैयार करने के लिए आश्वस्त किया। इस मौके पर सुंडा ने नगर परिषद के द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर उठाए जा रहे कदमों की भत्र्सना की और कहा कि आमजन को खुद अपना मत देने की बजाय जबरदस्ती टीमें लगाकर सर्वेक्षण में हिस्सा दिलवाया जा रहा है और खुद ही अपनी पीठ थपथपाने का काम नगर परिषद कर रही है। जिस पर आयुक्त विनयपालसिंह ने इन आरोपों को नकारा और कहा कि इस मामले में कोई भी जवाब या तो सभापति देंगे या फिर बोर्ड की बैठक में दिया जाएगा। साथ ही नगर परिषद द्वारा शहर और पैराफेरी के क्षेत्र के लोगों को पट्टे नहीं दिए जाने का मामला भी जल्द ही सुलझाने का आश्वासन मिला। बैठक में सुंडा ने एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पत्रकारों को भूखंड आवंटन नहीं करने पर नगर परिषद की लचर व्यवस्था पर सवाल उठाया और मांग की कि इस मामले में नगर परिषद या तो जमा किए गए पैसे वापिस लौटाए या फिर स्पष्ट करें कि वे कब तक पत्रकारों को उनके भूखंडों का आवंटन करेंगे। बैठक में इंजी. प्यारेलाल ढूकिया, ताराचंद गुप्ता भोड़कीवाला, बालूराम मीणा, सेहीराम गुर्जर, सोमबीर लांबा, राजेश अहलावत, राजेंद्र केड, पिंकी धूपिया, राकेश शर्मा बगड़, सिलोचनादेवी आदि मौजूद थे।
बैठक के आरंभ में किया शहीदों को याद
सभी सदस्यों और अधिकारियों के पहुंचने के बाद बैठक शुरू हो गई थी। लेकिन बैठक की शुरूआत की घोषणा के बाद आगे की कोई कार्रवाई बढ़ती। उससे पहले ही दिनेश सुंडा ने शुक्रवार को मनाए जा रहे शहीद भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू के शहादत दिवस को मनाने की मांग उठाई। सुंडा अपने साथ शहीद भगतसिंह की फोटो और पुष्प लेकर पहुंचे और कहा कि यदि कोई बैठक ऐसे पावन मौके पर हो। तो इस बात का ख्याल रखा जाए कि कम से कम महापुरुषों को याद किया जाए। इसके बाद सभी ने तीनों शहीदों को याद किया।

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