कथनी और करनी में अन्तर नहीं होना ही व्यक्ति को बनाता है महान - आचार्य कृष्ण किंकर

खबर - राजकुमार चोटिया 
सुजानगढ़ - नगर के प्रबुद्ध चिंतक एवं लेखक स्व. दामोदर लाल मूंधड़ा की प्रथम पुण्य तिथि पर सुजानगढ़ नागरिक परिषद द्वारा सालासर रोड़ स्थित पुरूषार्थ भवन में श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। वृंदावन के कथा वाचक आचार्य कृष्ण किंकर महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में स्व. मूंधड़ा को पुष्पांजली अर्पित की गई। आचार्य कृष्ण किंकर महाराज ने कहा कि व्यक्ति की कथनी और करनी में अन्तर नहीं होना ही उसे महान बनाती है। आचार्य ने चिन्ता व्यक्त की वर्तमान में देश में सांस्कृतिक प्रदूषण फैल रहा है, जो आने वाली पीढिय़ों के लिए खतरा है। उन्होने कहा कि आज विश्वास कम हुआ है और अंध विश्वास बढ़ा है। बीदासर के बाबूलाल दूगड़ ने स्व. दामोदर लाल मूंधड़ा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में बताया। श्रद्धांजली सभा में विद्याद्यर पारीक, शंकरलाल सामरिया, योगाचार्य बनवारीलाल, बाबूलाल टाक ने विचार व्यक्त किये। संचालन डॉ. घनश्यामनाथ कच्छावा ने किया। 

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