बाल विवाह रोकथाम में आशाओं का अहम रोल- डॉ. सिंघोया


खबर - मोहम्मद आरिफ चंदेल 
इस्लामपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की और से संचालित चाइल्ड लाइन 1098 झुंझुनूं द्वारा इस्लामपुर आदर्श प्राथमिक  स्वास्थ्य केन्द्र में शुक्रवार को बाल विवाह रोकथाम के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया। चाइल्ड लाइन सदस्य मुन्नी देवी ने मिटिंग में उपस्थित सभी आशाओं को संबोधित करते हुए कहां कि गांव में आशा व आंगनबाड़ी वर्कर का सम्पर्क प्रत्येक घर से रहता है उन्हें गांव की हर बात की खबर रहती है। इस प्रकार गांव में किसी भी प्रकार के विवाह का आयोजन होता है तो भी उन्हे पता रहता है कि इसमें लडक़े व लडक़ी की उम्र क्या है वो नाबालिक तो नही। अगर गांव में किसी भी बच्चे या बच्ची का बाल विवाह होता है तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वो जिला प्रशासन को सूचना दे एवं बाल विवाह को रूकवाऐं जिससे बच्चों के भविष्य में आने वाले समय में कोई बाधा उत्पन्न ना हो। इस अवसर पर पी एच सी प्रभारी डॉ.नरेन्द्र सिंघोया ने आशाओं को बताया कि वे बाल विवाह रोकथाम में आशा एक महत्वपूर्ण योगदान अदा कर सकती है उन्होनें कहां कि बाल विवाह को रूकवाना अपने आप में एक पुण्य का काम है क्योकि इससे बच्चे एवं बच्ची का भविष्य खराब होने से बच जाता है। उन्होनें कहां कि अगर बच्ची का बाल विवाह हो जाता है तो उसका शशीर पूरी तरह विकसित नही होता है और वह कम उम्र में मां बन जाती है जो उसके लिए एवं बच्चे के लिए खतरा होता है। इस अवसर पर चाइल्ड लाइन टीम सदस्य आकाश कुमार ने बताया कि आप बाल विवाह की शिकायत चाइल्ड लाइन 1098 पर भी कर सकते है जो पूर्णतया नि:शुल्क नंबर है ओर मुखबीर द्वारा दी गई सूचना को गुप्त रखा जाता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी आशाओं ने बाल विवाह रुकवाने की शपथ भी ली और कहा कि अगर उनकी ग्राम पंचायत में किसी बाल  विवाह की सूचना मिलेगी तो वे जरूर से विभाग को सूचना देगी एवं बाल विवाह को रूकवाऐंगी। 

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