कुछ तो है जो दुलीचंद अटवाल के सामने आने पर राजनीतक गलियारों में हुई जबरदस्त हलचल

खबर - जगत  जोशी   
रावतसर:- -चुनावी बिगूल बजते ही राजनिती गलियारे मे जबरदस्त हलचल शुरू हो चुकी है। हर कोई अपनी अपनी पार्टी के माध्यम से आगामी विधायक पद के उम्मीदवार के लिए नये चेहरे पर इंगित हो कर क्षैत्र का भविष्य देखता है।बात करे भाजपा की तो यह अभी भविष्य के गर्त मे है कि पार्टी पीलींबगां विधान सभा क्षैत्र मे किसे अपना विधायक पद का उम्मीदवार घोषित करते हुए टिकट देगी लेकिन आम जनता अपने दिलो से अपना उम्मीदवार चुनना शुरू कर देती है। आज के हलचली दौर को देखते हुए लगता है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावो मे पीलीबंगा विधान सभा स ेअब किसी नये चेहरे को ही अपना उम्मीदवार घोषित कर अपना दांव खेल सकती है।
यू ंतो हर तरफ नये चेहरे देखने को मिलते है लेकिन कुछ एक चेहरे होते है जिनसे साफ नजर आता है कि उनका भविष्य उज्जवल है। आम जिन्दगी व राजनिती के क्षैत्र मे उचें मुकाम हासिल करने का जज्बा रखने वाली शख्सीयत बहुत है पर आम आदमी के दिलो मे राज कर उच्च मुकाम हासिल करने का हौसला किसी किसी के पास ही होता है । ऐसा ही एक चेहरा एक शख्सियत है एडवोकेट दुलीचंद अटवाल। पैशे से एडवोकेट दुलीचंद अटवाल प्रत्येक मिलने वाले से दिल से मुलाकात करते है । दुसरो की समस्याओ को अपनी समस्या समझकर पूरी लगन व मेहनत से उसे हल करवाने का प्रयास करते है। दुलीचंद अटवाल हालाकिं अपनी जिन्दगी मुशकिलो व समस्याओ से जुझते हुए निकाल रहे है लेकिन किसी अन्य को समस्याओ से जुझने नही देते है। राह चलते किसी की समस्याओ हल करवाने का प्रयास करते है आज राजनिती मे उनकी अच्छी खासी पकड़ का मुख्य राज उनकी मिलनसार प्रवृति ही है। 
पारिवारीक पृष्ठ भूमी:- एडवोकेट दुलीचंद अटवाल रावतसर तहसील के ग्राम पचायत धन्नासर मे पैदा हुए । उनके भरे पूरे परिवार मे उनके पिता  हेतराम अटवाल माता  राजेश्वरी देवी व तीन बहने है जिनकी शादी हो चुकी है । एक भाई था जिनका स्वर्गवास हो गया। दुलीचंद अटवाल ने सामाजिक तौर पर अपने भाई की पत्नी को अपनी अर्धाग्नी का दर्जा देते हुए अपने भाई के चार बच्चो के सिर पर पिता के रूप मे हाथ रखते हुए उनका जीवन सवंारा। आज उन्होने अपनी मेहनत व लगन से अपने दोनो बेटो को अच्छे पदो पर लगाया हुआ है वही दोनो बेटीयो की शादी करवा चुके है। उनकी पत्नी रावतसर स्थित उपखण्ड कार्यालय मे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर कार्यरत है और स्वंय दुलीचंद अटवाल रावतसर स्थित न्यायालय मे एडवोकेट के पद रहते हुए लोगो को न्याय दिलाने का जिम्मा उठाया हुआ है। वही उनके पिता श्री हेतराम अटवाल अपने समय मे वन विभाग मे वन रक्षक के पद से वर्ष 2013 मे रिटायर हुए।
शिक्षा:- एडवोकेट दुलीचंद अटवाल के पिता श्री हेतराम अटवाल का स्थानानतरण कोहला फार्म मे होने के कारण उनकी प्राथमिक शिक्षा किशनपूरा दिखनादा मे हुई उसके बाद पिता का स्थानानतरण थालडका मे होने पर माध्यमिक शिक्षा थालड़का से प्राप्त की । आगे स्नातक की शिक्षा श्री गगांनगर के राजकीय महाविधालय से व विधी स्नातक कि शिक्षा एमडी महाविधालय श्री गंगानगर से प्राप्त की। वर्ष 2008 मे एलएलबी करने के बाद दुलीचंद अटवाल आरजेएस की परीक्षा देने के लिए जयपुर गये मगर इस परीक्षा मे मात्र तीन अकं से रहने के कारण वापस अपने गांव आ गये और वर्ष 2010 से रावतसर स्थित न्यायालय मे एडवोकेट उमेश शर्मा के पास रहकर वकालत शुरू की ।  लगभग पांच साल तक एडवोकेट उमेश शर्मा के सानिध्य मे रहकर वकालत की हर बारिकीयो को जाना और वर्ष 2015 मे अलग से अपना चैम्बर लेकर स्वतंत्र वकालत का कार्य करने लगे। 
राजनिती के क्षैत्र मे:- एडवोकेट दुलीचंद अटवाल ने वकालत करते हुए भाजपा मे शामिल हुए और वर्ष 2009 मे भाजपा युवा मोर्चा रावतसर नगर मण्डल के उपाध्यक्ष पर आसीन हुए । पार्टी की सेवा करते हुए उन्होने वर्ष 2015 के जिला परिषद के चुनावो मे जोन नम्बर सात से जिला परिषद सदस्य का नामाकंन भरा । अपनी साफ छवी व मिलनसार प्रवृति के कारण 3000 मतो से जीत हासिंल की ।दुलींचद अटवाल ने कभी पिछे मुडकर नही देखा और क्षैत्र की समस्याओ को प्रमुखता से उठाते हुए उन्हे हल करवाने मे लगे रहे। मौजूदा समय मे दुलीचंद अटवाल जिला उपभोक्ता समिति व जिला स्तरीय मिड डे मील के सदस्य भी है। 


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