उपखंड अधिकारी ने दिलवाया बेटी और बहनों को जमीन का हक

खबर - जयंत खांखरा 

खेतड़ी -जहां पूरे भारत में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का पाठ झुंझुनू जिला अग्रणी होकर पढ़ा रहा है वही आज भी लोगों में यह धारणा है कि बेटा ही घर का मुखिया होता है और बेटा ही पैतृक संपत्ति का अधिकारी होता है लेकिन उपखंड अधिकारी संजय कुमार वासु ने इस मिथ्या को अपने अथक प्रयासों से गलत साबित कर दिया है सरकार द्वारा चलाए जा राजस्व लोक अदालत अभियान के अंतर्गत न्याय आपके द्वार का कैंप मंगलवार को उपखंड के ग्राम पंचायत दुधवा के अटल सेवा केंद्र में आयोजित किया गया जिसमें एक अलग ही प्रकरण सामने आया उपखंड अधिकारी ने पूरे मामले को समझा और आपसी समझाइश के बाद मामले को सर्वसम्मति से हल करते हुए परिवार की बहन और बेटी को पैतृक भूमि में हक दिलवाया। मामला यह था कि कमली देवी ने उपखंड अधिकारी संजय कुमार वासु को बताया कि उसके पति छोटूराम पुत्र स्वर्गीय सरदारा राम जाति गुर्जर का 35 वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो गया था छोटू राम की मृत्यु के बाद  भूमि का नामकरण पत्नी कमली देवी तथा पुत्र बेगराज के नाम तो दर्ज हो गया परंतु उसकी दो बेटियां बाला देवी और विद्या को जमीन का हक नहीं मिला । कमली देवी ने कहां कि मेरी बेटियां व बेटा मेरे लिए बराबर है । सभी का सम्मान हिस्सा होना चाहिए इस पर छोटू राम के पुत्र बेगराज ने भी बड़ा दिल रखते हुए सहमति जाहिर की तथा अपनी दोनों बहनों को पैतृक भूमि में हिस्सा देने के लिए तैयार हो गया । बहने तो अपने भाइयों की पहरेदारी करती नजर आई लेकिन जब पूरे परिवार को पता चल रहा है कि लोक अदालत उनके गांव में आई है तो उन्होंने अपने इस वाद को उपखंड अधिकारी के सामने सादा कागज पर प्रस्तुत किया उपखंड अधिकारी ने राजस्व रिकॉर्ड का परीक्षण कर जांच रिपोर्ट तहसीलदार बंशीधर योगी से ली और मौके पर उपस्थित मौजिज व्यक्तियों तथा सरपंच से पूछताछ कर मौके पर ही मां बेटे के साथ दोनों बहनों को भी संयुक्त रूप से भूमि का हिस्सा देने का आदेश पारित किया। इस पर सभी पक्षकारों ने सहमति जाहिर की और संतुष्टि दिखाते हुए न्याय आपके द्वार के अधिकारी और पूरी टीम को धन्यवाद दिया। इस मौके पर सरपंच सत्यवीर गुर्जर ,सत्यनारायण सैनी ,दाताराम गुर्जर, बुधराम सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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