देश की कई संस्कृतियों का मिलन अब खेतड़ी में होगा -स्वामी आत्मानिष्ठानंद

खबर - जयंत खांखरा 
रामकृष्ण मिशन आश्रम में हुआ संगीत संध्या का आयोजन
खेतङी-कस्बे के रामकृष्ण मिशन आश्रम में शनिवार रात्रि को संगीत संध्या का आयोजन किया गया कार्यक्रम में कोलकाता की मशहूर शास्त्रीय संगीत की गायिका चंद्रबली ने श्रोताओं को हिंदी व  बंगाली भाषा में संगीत सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने भगवान राम कृष्ण को समर्पित करते हुए "मैं गुलाम, मैं गुलाम, मैं गुलाम तेरा" भजन गाया उसके बाद रविंद्र नाथ टैगोर की मशहूर रचना यह कितनी सुंदर शोभा है गया, स्वामी विवेकानंद द्वारा लिखित नाही सूर्य नाही ज्योति भजन गाकर भरपूर वाहवाही लूटी कार्यक्रम के अंत में स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए भगवान कृष्ण का वह काला एक बांसुरी वाला भजन गाया संगीत संध्या कार्यक्रम कोलकाता से आए रुद्रदत्त, सुब्रत वासु मुखर्जी, श्री पार्थ मुखोपाध्याय, डॉ अतनु मंगल, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर राम प्रसाद, निर्भय राम शास्त्री, अजय शेखावत, स्वामी आनंद आत्मानंद महाराज, रमाकांत वर्मा, गोपाल सैनी आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम के अंत में स्वामी महात्मा निष्ठानंद ने आगंतुकों को संबोधित करते हुए कहा कि रियासत काल में भी फतेह विलास महल में संगीत सभाओं का आयोजन किया जाता था स्वामी विवेकानंद और राजा अजीत सिंह एक साथ बैठकर संगीत सुना करते थे। अब संग्रहालय में देश-विदेश से लोग आएंगे अनेक भाषाओं का एक साथ समागम खेतड़ी में देखने को मिलेगा ।लोग आपस में एक दूसरे को जानेंगे। देश की कई संस्कृतियों का मिलन अब खेतड़ी में होगा।

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