देर रात तक हंसी से लोटपोट होते रहे श्रोता

खबर - राजेश वैष्णव 
खूब जमा कवि सम्मेलन
दांतारामगढ़ । दांतारामगढ़ में आयोजित कवि सममेलन खूब जमा। कस्बे में  पहली बार आयोजित कवि सम्मेलन में पुरूषो के साथ महिलाएं भी देर रात तक जमी रही और कवियो की कविताओं पर ठहाके लगाती रही। कवि सम्मेलन का आयोजन दशहरा महोत्सव समिति की ओर से किया गया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ सरपंच श्रीमती मधु स्वामी, उपप्रधान बंसत कुमावत, भाजपा मण्डल अध्यक्ष ओमप्रकाश स्वामी, दशहरा समिति के संस्थापक सुरेश खाटूवाला, नन्द किशोर कुमावत आदि ने मां सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। 
हास्य कवि सम्मेलन का श्ुाभारम्भ सोहनदान चारण ने सरस्वती वंदना के साथ किया। जबकि कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए कवि गजेन्द्र कविया ने सभी को हंंसा हंसा कर लोटपोट कर दिया। कविया ने अपनी कविता व हास्य व्यंग के बाण ऐसे छोड़े की श्रोता देर रात तक लोटपोट होते रहे। इसके बाद कवि हरिओम पारीक ने भैस एवं भैसे के प्यार की कविता सुनाकर आज की संस्कृति पर प्रहार कर पाश्यत्य संस्कृति से पुन: भारतीय संस्कृति की और लौटने का संदेश दिया। पिलानी से आए कवि राजकुमार राज ने हास्य व्यंग के साथ ही काव्य पाठ सुनाकर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी प्रकार कोटा से आए कवि धर्मेन्द सोनी ने अपने चिर परिचित अंदाज में छठवीं पास सहित अन्य कविताओं के साथ भू्रण हत्या रोकने का संदेश देते हुए झुन्झुनू के शहीदो पा कविता पाठ की खूब तालियां बटौरी। कवि सोहनदान चारण ने वकीलो के साथ भ्रष्टाचार को लेकर पुलिस को अपनी कविताओ मे लपेटा तो पूरा पाण्डाल तालियों से गूंज उठा। चारण ने एक बार आ ज्या रे तू गांधी महात्मा सुनाकर खूब वाह वाही लूटी। कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद थी।

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