वसुदेव कुटुम्बकम से ही विश्व का कल्याण संभव है: माली

खबर - पंकज पोरवाल 
जिला यूनेस्को एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक समपन्न
भीलवाड़ा । वसुदेव कुटुम्बकम से ही विश्व का कल्याण संभव है। विश्व कल्याण के लिए सामाजिक, शैक्षिक चेतना व सांस्कृतिक उन्नयन जरूरी है। यह कामं विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को करने में जुटा हुआ है। यह विचार स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशन इन राजस्थान के प्रदेश संयोजक गोपाललाल माली ने जिला यूनेस्को एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने यह भी कहा कि यूनेस्को को संस्कृति आदान-प्रदान के जरिये मानवीय मूल्यों, नैतिकता को विकसित करना होगा। सन् 1946 से ही यूनेस्को यही चाहता है। अतः हम सब को मिलकर इसके प्रयास करने होंगे। बैठक की अध्यक्षता जिला यूनेस्को एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द कुमार चैधरी ने की। एसोसिएशन के सचिव ललित अग्रवाल ने बताया कि बैठक में यूनेस्को एसोसिएशन द्वारा आगामी दिनों में राष्ट्रीय स्तर का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। साथ ही इस बैठक में यूनेस्को द्वारा कई विद्यालयों में भी सामाजिक सरोकार के तहत स्टेशनरी वितरण के साथ-साथ सोशल अवर्नेस के कार्यक्रम भी आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यकारिणी बैठक में ज्ञानेन्द्र सिंह चैधरी, मनोहर लाल लखारा, चेतन मानसिंहका, रामस्वरूप राठी, श्रीमती लता अग्रवाल, श्रीमती इन्द्रा सोनी, श्रीमती वंदना कंवर राजपूत, रानु सेन, अशोक कुमार राठी, देवकिशन आचार्य, तुलसीदास नथरानी, दिनेश जैन, विशाल विजयवर्गीय, नंदकिशोर पारीक, हरनारायण माली, विनोद चैधरी, मनीष ओस्तवाल, राकेश जैन, महेन्द्र सिंघवी, यूनेस्को यूथ क्लब के सचिव संजय शर्मा, नटवर विजयवर्गीय, नरेन्द्र विजयवर्गीय, कैलाश चन्द्र डाड, गिरिराज काबरा, कैलाश चन्द्र शर्मा, प्रहलाद तिवाड़ी आशीष सैनी, राजेश जीनगर, बालचंद काबरा, जुगल लढा, शंकरलाल गोयल, राजकुमार गोयल सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।

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