कलयुगी बेटे ने पिता को घर से बाहर निकाल कर घर पर किया कब्जा

खबर - पंकज 
पिता मवेशियों के लिए घास लेने गया था, पीछे बेटो ने मकान के ताले तोड़ कर लिया कब्जा 
भीलवाड़ा । जहां एक और माता पिता अपनी संतान के लिए जिंदगी भर कड़ी मेहनत कर एक आशियाना बनाते हैं। बुढ़ापे में जब उनकी संतान उनका सहयोग करेगी इसी आस में वह अपनी जिंदगी अपने बच्चों के लिए दांव पर लगा देते हैं। लेकिन जिले के रायपुर ग्राम निवासी लक्ष्मण दास उम्र 70 वर्ष के साथ ऐसा संयोग नहीं हुआ। खुद के खरीदे गए, खुद के द्वारा बनाए गए मकान पर उनके बेटो व बहुओं ने न केवल कब्जा किया बल्कि बुजुर्ग पिता को भी घर से बेदखल कर दिया। अपना आशियाना पुनः पाने के लिये पिता दर-दर की ठोकरे खाने पर विवश हैं।  न्यायालय का दरवाजा खटखटाया लगभग 1 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी अब तक बुजुर्ग पिता को न्याय नहीं मिला।  
आज भी अपने खुद के मकान से बेदखल हो कर मंदिर में आसरा लेकर अपना गुजर बसर कर रहा है।  जानकारी सूत्रों के अनुसार लक्ष्मण दास पुत्र गणेश दास वैष्णव आयु 70 वर्ष निवासी रायपुर  ने रायपुर गांव में आकर नौकरी कर अपनी पत्नी के साथ प्लॉट खरीदा, दोनों पति पत्नि ने मेहनत कर अपने रहने के लिए एक आशियाना बनाया।आशियाना बनने के बाद बाहर रह रहे उनके पुत्र व पुत्र वधु ओं ने नाजायज मकान में घुसकर मकान पर कब्जा कर लिया। बुजुर्ग पिता अपने मवेशियों के लिए नजदीकी गांव में घास लेने गया था। वापस लौटने पर मकान में रखें उसके सामान बाहर पड़े मिले। मकान के ताले टूटे पड़े थे। मकान पर दूसरे ताले लग गए थे। यह दृश्य देखकर बुजुर्ग पिता रो पड़ा। लेकिन उसके बेेेेटो  बहुओं को तब भी दया नहीं आई और उन्होंने अपने बुजुर्ग पिता को हाथ पकड़ कर घर से बाहर निकाल दिया। लगभग 1 साल बीत गया बुजुर्ग पिता न्याय की आस में रायपुर थाने में, गंगापुर न्यायालय में, उपखंड अधिकारी,  जिला कलेक्टर,  ग्राम के सरपंच से लेकर राज्य के आला अधिकारियों तक न्याय की गुहार लगा चुका है। लेकिन अब तक भी वृद्ध पिता की कोई सुनवाई नहीं होने के कारण अपना खुद का बनाया हुआ आशियाना होने के बावजूद भी गांव के एक मंदिर में शरण लेकर रहना पड़ रहा है। लक्ष्मण दास बताते हैं कि अपने द्वारा बनाए गए मकान पर उनके बेटे द्वारा बिना इजाजत के कब्जा कर लेने के बाद वह अपने एक बेटे के साथ गांव के ही शिव मंदिर पर निवास कर रहे हैं। वही गांव में रह कर अपना गुजारा कर रहे हैं।

पिता को जान से मारने का किया प्रयास 
        कलयुगी बेटो और बहूओ अपने पिता को खुद के  निजी मकान से बेदखल कर बाहर निकाल दिया। मकान के नजदीक पहुंचने पर भी बुजुर्ग पिता के साथ दोनों बेटों, तीनो बहुओं ने बेरहमी से मारपीट की। चाकू बताकर अलमारी की चाबियां छीन ली। अलमारी में पड़े मां के गहने भी चुरा लिये।

यह कलयुगी बेटे 
       अपने पिता को उनके आशियाने से बेदखल कर उनके साथ मारपीट करने वाले कलयुगी बेटे मुकेश दास पुत्र लक्ष्मण दास वैष्णव, सरवण दास पुत्र लक्ष्मण दास वैष्णव, सीता पत्नी मुकेश दास वैष्णव, रामकन्या पत्नी सरवन दास वैष्णव व जमुना पुत्री कैलाश दास वैष्णव हाल निवासी रायपुर ने अपने ही पिता को उनके द्वारा बनाए गए आशियाने से बेदखल कर उनके साथ जान से मारने का प्रयास किया।

हक मांगने गए पिता को किया लहूलुहान 
            कलयुगी बेटे द्वारा पिता के द्वारा बनाए गए मकान पर कब्जा कर पिता को घर से बाहर निकाल देने के बाद  खुद के मकान पर पहुंचे बुजुर्ग पिता को कलयुगी बेटे व बहुओ ने पीट पीटकर लहूलुहान कर दिया।  मृत समझकर छोड़ कर चले गए। बुजुर्ग पिता ने मामले की गुहार रायपुर थाने में लगाई लेकिन रायपुर पुलिस ने भी बुजुर्ग पिता की दी गई रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते कलयुगी बेटो  के हौसले बुलंद हैं।

कई बार किया जान से मारने का प्रयास 
       बुजुर्ग व पीड़ित पिता लक्ष्मण दास वैष्णव ने बताया कि मैं अपने घर जाने का प्रयास करता हूं। तो कलयुगी बेटे व बहुए दरवाजे में करंट लगा देती है, मुझे नित्य क्रिया भी नहीं करने देते हैं, मेरे खाने में कई बार जहर मिलाने का प्रयास किया गया। वहीं दूध में जहर  डालकर मारने का प्रयास भी किया गया।

जिला कलेक्टर के आदेशों की भी नहीं हुई पालना
         पीड़ित पिता लक्ष्मण दास जिला कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल के पास अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। जिला कलेक्टर ने 5 दिवस में कार्यालय स्तर पर कार्रवाई करवा कर अवगत कराने के निर्देश उपखंड अधिकारी रायपुर को 14 फरवरी 2018 में जारी कर दिए। कार्रवाई नहीं होने पर 22 मार्च 2018 को जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने के आदेश पुनः  उपखंड अधिकारी रायपुर के नाम किए  लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं होने के कारण कलयुग बेटों के हौसले बुलंद हैं।

जिला कलेक्टर को 20 रिपोर्ट देने के बाद भी कार्रवाई नहीं 
         पीड़ित पिता घर से बेदखल होने के बाद दर-दर की ठोकरें खा रहा है। परेशान पिता ने न्याय की मांग को लेकर 1 वर्ष में लगभग 20 परिवाद भीलवाड़ा जिला कलेक्टर के समक्ष रख दिए। लेकिन जिले के आला अधिकारी भी अब तक उक्त मामले में पीड़ित पिता को न्याय नहीं दिला सके।

एक टाइम खाना खा कर निकाल रहे हैं दिन 
         पीड़ित पिता लक्ष्मण दास द्वारा बनाए गए मकान से बेदखल होने के बाद कलयुगी बेटे के द्वारा की गई मारपीट से परेशान होकर रायपुर गांव में ही होटल  पर एक टाइम खाना खा कर अपनी जिंदगी का गुजर-बसर कर रहे हैं। पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण गांव में अब तक कोई मकान किराए पर नहीं ले पाए। वहीं आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण पिता अपने रहने के लिए एक कुटिया भी किराए पर नहीं ले पा रहे हैं।

आत्महत्या करने पर मजबूर है पीड़ित पिता 
        कलयुगी बेटे द्वारा अपने ही मकान से बेदखल कर मारपीट कर घर से बाहर निकाल देने के बाद पीड़ित पिता लगभग 1 वर्ष से न्याय की आस में दर-दर की ठोकरे खा रहा हैं। सैकड़ों शिकायतें आला अधिकारियों को देने के बावजूद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से परेशान पीड़ित पिता लक्ष्मण दास वैष्णव ने बताया कि अब आत्महत्या ही एकमात्र सहारा रह गया है। ताकि इस जीवन से छुटकारा मिल जाए। न्याय की आस में लगभग 1 वर्ष से भटक रहा हूं लेकिन मुझे अब तक न्याय नहीं मिला।


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