कल तक हो सकता है मंत्रीमंडल गठन का फैसला ,गहलोत ने प्रदेश प्रभारी से की नामों की चर्चा

खबर - प्रशांत गौड़ 
-नेताओं की लॉबिंग दिल्ली तक 
-पायलट भी दिल्ली में मौजूद
जयपुर। प्रदेश में गहलोत सरकार के मंत्रीमंडल का गठन अब शनिवार तक टल गया है। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के दूसरे राज्य के दौरे से आने के बाद समय नहीं मिल पाने के कारण उनसे चर्चा नहीं हो पाई। मंत्रीमंडल गठन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट दोनों दिल्ली में है। गहलोत ने इस दौरान शाम को प्रदेशप्रभारी अविनाश पांडे से बातचीत की। वहीं डिप्टी सीएम भी विभिन्न नेताओं से मिले।
प्रदेश में मंत्रीमंडल गठन की तस्वीर गहलोत -पायलट के बीच उलझ गई है। पायलट खेमा अपने आधे नाम इस सूची में चाहता है जिसमें गहलोत खेमा राजी नहीं है। जानकारों की माने तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रीमंडल में केबिनेट पद अनुभवी विधायकों को देना चाहते है जबकि डिप्टी सीएम की लिस्ट में उन विधायकों के नाम भी शुमार बताए जा रहे है जो पहली बार या दूसरी बार जीतकर आए है जिनका सरकार में कोई अनुभव नहीं है। सूत्रों की माने तो सचिन पालयट मंत्रीमंडल में उनके खेमे 10 नाम चाहते है जबकि गहलोत अभी मंत्रीमंडल करीब 15 विधायकों से ज्यादा नाम  नहीं चाहते है ऐसे में विवाद का निपटारा करने के लिए अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फैसला लेंगे।
लोकसभा चुनाव को देखते हुए नाम
माना जा रहा है कि इस मंत्रीमंडल गठन में लोकसभा चुनाव की झलक दिखेगी। इस कारण उन जिलों पर फोकस रहेगा जहां से मंत्रीमंडल में विधायक के जाने से कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में सफलता मिले। जहां गहलोत खेमे से बी डी कल्ला, महेश जोशी, लालचंद कटारिया, राजकुमार शर्मा,महेन्द्र जीत सिंह मालवीय,दीपेन्द्र सिंह शेखावत, जाहिदा खान, भरतसिंह, दयाराम परमार, जितेन्द्र सिंह, अशोक बैरवा जैसे नामों को त्वज्जों है तो पायलट खेमे से बृजेन्द्र ओला, शकुंतला रावत, प्रतापसिंह खाचरियावास जैसे नाम सामने है। इसको देखते हुए मंत्रीमंडल गठन की तस्वीर तय होनी है।  

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