जननायक एक मिनट में 60 तो पूरे घंटे में 1500 लोगों से मिलें

प्रशांत गौड़
-उनकी क्षमता को देखकर राजनेता और अफसर भी हतप्रभ
-गहलोत ने फिर दिखाया कमाल
जयपुर। अशोक गहलोत राजनीति के वो जादूगर है जिनकी सियसी क्षमता का आंकलन कर पाना सिद्ध पंडितों  और राजनीति के महारथियों के लिए भी आसान नहीं है। उनकी हर शब्द का गहरा अर्थ होता है। वह जब कुछ करने की ठान लेते है तो उनके सितारें भी उनका साथ देने लगते है। गहलोत को राजनीति विरासत में कुछ नहीं मिला है लेकिन उनकी दृढ़ मेहनत, हौसला, संयम, धर्य, सीखने की ललक और हर बार नए इम्तिहान से गुजरने का उनका अटूट जस्बे ने उनको सबसे अलग बनाया है। राजस्थान के गांधी बीते 24 घंटों में 5000 से ज्यादा लोगों से मिल चुके है। उनके आवास में आने वाले लोगों से उनके प्रति आकर्षण और प्रेम और गहलोत की उनके प्रति आत्मीयता यह बता रही है कि गहलोत अपनी जनता के लिए कभी रूकेंगे नहीं तो कभी थकेंगे भी नहीं।
राजनीति में बेशक अशोक गहलोत एक पार्टी से आते हो लेकिन उनकी कुछ बाते ऐसी जो उनको पार्टी लाइन से अलग खड़ा कर देती है। बीते दो दिन में प्रदेश के करोड़ों लोगों ने उनकी इस अद्भुत क्षमता को देखा है जो उनसे मिला नहीं वो भी उनका मुरीद हो चुका है। वाकई गहलोत इस समय के वो राजनेता बनकर सामने आए है जिनकी हर पार्टी में एक इज्जत है। गांधीवादी छवि के के गहलोत बीते तीन दिन चले सियासी संग्राम में बेशक सो नहीं पाए लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने दो दिन से आम जनता से मिलने के लिए अपने निवास स्थान के दरवाजे खोल रखे है। गहलोत कुछ देर विश्राम करते तो फिर खड़े होकर लोगों से मिलते है। कहीं से जाकर आते है तो आते ही उनके इंतजार में बैठी जनता से मिलते है। गहलोत भी उनको निराश नहीं करना चाहते है इस कारण आई जनता बेहद एक क्षण का समय दे रहे है लेकिन उनका अभिवादन स्वीकार कर उनको समझाने की कोशिश कर रहे है वो उनके बीच में से एक है।
गहलोत निवास पर उनकी एक झलक देखने के लिए दूर-दराज से लोग आए है। उनसे मिलने की हसरत हर किसी को है लेकिन एक झलक देखकर भी लोगों का सब्र है ऐसे में गहलोत लोगों के इस प्यार को देखते हुए उनसे मिल रहे है चाऐ गहलोत की बॉडी लेग्वेंज में थकान दिख रही है लेकिन वो उन सभी लोगों ,कार्यकर्ताओं, बुर्जगों को समय दे रहे है जो उनसे मिलने के लिए सब काम छोड़कर सीएम निवास आए है। उनको बिना दर्प का लोगों के बीच होना यह बता रहा है कि प्रदेश के सभी राजनेताओं से गहलोत अलग है। दिनभर खड़े एक कार्यकर्ता ने जब गहलोत को एक माला पहनानी चाहिए तो गहलोत उसकी आत्मीयता को पढ़ लिया गहलोत ने उनकी माली ली और उनके गले में डालकर प्यारा से मुस्करा दिया जिसको देखकर हरे कोई उनका कायल हो गया। गहलोत निवास पर उनसे मिलने वाले लेाग पूरी तरह उनकी इस अदा से उनके कायल हो चुके है।

Share This